Gurugram में शुरू हुए ड्रोन डिलीवरी ट्रायल ने भविष्य की सप्लाई व्यवस्था की एक नई तस्वीर पेश की है। टेक्नोलॉजी कंपनियां अब ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही हैं जिसमें राशन, दूध, सब्जियां, दवाएं और इमरजेंसी मेडिकल सामान कुछ ही मिनटों में आसमान के रास्ते लोगों तक पहुंच सकेगा। माना जा रहा है कि 2026 तक भारत के कई बड़े शहरों में यह सुविधा व्यावसायिक रूप से शुरू हो सकती है।
ड्रोन लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में काम कर रही Skye Air ने गुरुग्राम में ऑटोनॉमस ड्रोन डिलीवरी का सार्वजनिक ट्रायल शुरू किया है। इन ड्रोन को खासतौर पर छोटी दूरी की तेज डिलीवरी के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार ड्रोन GPS और AI तकनीक की मदद से बिना पायलट के 5 से 10 किलोमीटर तक उड़ान भर सकते हैं और 10 से 15 मिनट के भीतर तय ड्रॉप पॉइंट तक सामान पहुंचा सकते हैं।
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा मेडिकल और इमरजेंसी सेवाओं में देखा जा रहा है। ट्रैफिक जाम, भारी बारिश या सड़क बंद होने जैसी परिस्थितियों में भी ड्रोन के जरिए दवाएं, खून और जरूरी मेडिकल सप्लाई अस्पतालों या रिहायशी इलाकों तक तेजी से पहुंचाई जा सकती हैं। इससे समय की बचत के साथ कई आपात स्थितियों में लोगों की जान बचाने में भी मदद मिल सकती है।
भारत में ड्रोन डिलीवरी को बढ़ावा देने में Directorate General of Civil Aviation (DGCA) की BVLOS यानी “Beyond Visual Line of Sight” अनुमति को बड़ा कदम माना जा रहा है। इस तकनीक के तहत ड्रोन ऑपरेटर की सीधी नजर से बाहर भी सुरक्षित उड़ान भर सकते हैं। यही वजह है कि कंपनियां अब बड़े स्तर पर ड्रोन नेटवर्क विकसित करने की तैयारी में हैं।
खाद्य और ई-कॉमर्स सेक्टर की बड़ी कंपनियां भी इस तकनीक पर तेजी से काम कर रही हैं। Swiggy और Zomato जैसी कंपनियां भी ड्रोन आधारित फूड डिलीवरी मॉडल की टेस्टिंग कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दवा से लेकर फास्ट फूड तक कई चीजें ड्रोन के जरिए लोगों तक पहुंच सकती हैं।
हालांकि इस तकनीक के सामने कई चुनौतियां भी मौजूद हैं। खराब मौसम, तेज हवा, प्राइवेसी, सुरक्षा, बैटरी क्षमता और रिहायशी इलाकों में सुरक्षित लैंडिंग जैसी समस्याओं पर अभी काम किया जा रहा है। इसके अलावा ड्रोन की आवाज और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर भी नियमों को मजबूत बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
फिर भी तकनीकी विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि ट्रायल सफल रहे, तो 2026 के अंत तक Delhi-NCR, Bengaluru और Hyderabad जैसे बड़े शहरों में कमर्शियल ड्रोन डिलीवरी आम लोगों के लिए उपलब्ध हो सकती है। आने वाले वर्षों में यह तकनीक शहरी जीवनशैली और ई-कॉमर्स की दुनिया को पूरी तरह बदल सकती है।
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Sabiha khan
