भोपाल, 21 अप्रैल 2026
लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक’ पारित न होने के विरोध में राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ा प्रदर्शन किया। ‘जन आक्रोश महिला पद यात्रा’ के नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 25 हजार महिलाओं ने हिस्सा लिया। यह पदयात्रा MVM कॉलेज ग्राउंड से शुरू होकर रोशनपुरा चौराहे तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए।
इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र में विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने वाले इस महत्वपूर्ण विधेयक का पारित न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिलाओं को उनके अधिकार देने के पक्ष में नहीं है और इस मुद्दे पर जनता उन्हें भविष्य में जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सड़क से लेकर संसद तक आवाज बुलंद करेंगी।
विधेयक की स्थिति पर बात करें तो 16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में पेश किए गए इस संविधान संशोधन विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। हालांकि, इसे पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत यानी 360 वोट नहीं मिल पाए, जिसके चलते यह विधेयक पास नहीं हो सका। विपक्ष ने इस दौरान परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे को उठाते हुए विधेयक का विरोध किया।
इस पदयात्रा में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और महिला जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री संपतिया उइके, कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी, राधा सिंह, लता वानखेड़े, सांसद कविता पाटीदार और माया नारोलिया प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।
भाजपा का कहना है कि यह आंदोलन महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई का प्रतीक है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रहा है। कुल मिलाकर, नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले समय में यह मुद्दा और भी जोर पकड़ सकता है।