राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को लेकर प्रदेश में भारी सियासी घमासान मच गया है. विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस वीडियो के आधार पर दावा किया कि मुख्यमंत्री ने किसानों का अपमान किया है.
लेकिन, जब इस वीडियो की गहराई से पड़ताल की गई और सीएम के भाषण का पूरा हिस्सा सामने आया, तो तस्वीर बिल्कुल उलट निकली. आइए जानते हैं क्या है इस वायरल वीडियो का पूरा सच.
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार (10 अप्रैल) को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा किसानों से जुड़े एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल हुए थे. मंच से उन्होंने किसानों के कल्याण और उन्हें आर्थिक रूप से संबल देने वाली कई सरकारी योजनाओं का जिक्र किया. इसी दौरान उनके भाषण के एक छोटे से हिस्से (क्लिप) को काटकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया.
वायरल वीडियो (Edited Clip) में क्या दिखाया गया?
मुख्यमंत्री भजनलाल जी, आपका एफिडेविट बता रहा है कि आपके नाम कृषि भूमि का केवल 350 वर्ग मीटर का प्लाट है, यानि 1 बीघा जमीन भी नहीं।
फिर आप कहां के किसान हो? और किसानों का मज़ाक बनाकर उनका अपमान कर रहे हों।
माननीय मुख्यमंत्री मेहरबानी करके खुद को किसान बताना और AC कमरों में… pic.twitter.com/aAnLIEs0Lz
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) April 11, 2026
विपक्ष द्वारा शेयर किए गए इस छोटे से क्लिप में मुख्यमंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “ये दूसरा कोई नहीं कहेगा, लेकिन मैं कहता हूं क्योंकि मैं किसान हूं कि किसान 25 दिन 30 दिन से ज़्यादा काम नहीं करता. सिर्फ वो बुआई करने जाता है और काटने जाता है, बीच में पानी देने के लिए दो-चार दिन जाता है.” इस 15-20 सेकंड के वीडियो को शेयर करते हुए नेता प्रतिपक्ष समेत कई विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री पर कड़ा निशाना साधा और उन्हें जमकर ट्रोल किया गया.
क्या है वीडियो की पूरी हकीकत? (The Real Truth)
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री के भाषण का ‘अनकट’ (पूरा) वीडियो सामने आया. इस पूरे वीडियो ने स्पष्ट कर दिया कि सीएम के बयान को संदर्भ से काटकर भ्रामक तरीके से पेश किया गया था. हकीकत में, मुख्यमंत्री किसानों की कार्यक्षमता बढ़ाने और खेती को एक ‘ड्यूटी’ की तरह लेकर आर्थिक स्थिति मजबूत करने की सलाह दे रहे थे.
सीएम ने अपने पूरे भाषण में असल में क्या कहा था?
पूरे वीडियो में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा यह कहते हुए स्पष्ट नजर आ रहे हैं, “आज कोई भी व्यक्ति हिसाब लगा लेना कि 365 दिन में वो कितने दिन काम करता है. जो हमारे किसान भाई पूरी तरीके से ड्यूटी समझ के काम कर रहे हैं, उनको कोई नुकसान नहीं है. लेकिन जो किसान भाई केवल साल में 20-25 दिन काम करके 11 महीने अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहते हैं, ये संभव है क्या? ये दूसरा कोई नहीं कहेगा, मैं कह रहा हूं क्योंकि मैं एक किसान हूं. आज किसान साल में केवल 20-25 दिन काम करता है. यदि किसान प्रतिदिन चार घंटे भी खेत में काम करे, तो वो अपने कृषि के क्षेत्र में प्रथम आ सकता है. हमें कृषि की वैल्यू समझनी होगी.”
पड़ताल में यह साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री का इरादा किसानों का अपमान करना नहीं था. वे केवल यह समझा रहे थे कि अगर किसान नियमित रूप से (रोजाना सिर्फ 4 घंटे) अपने खेतों में समय दें, तो उनकी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार आ सकता है. विपक्ष द्वारा शेयर किया गया वीडियो आधा-अधूरा और भ्रामक है.