हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश सरकार पर किसानों की अनदेखी और बिगड़ती व्यवस्था को लेकर चौतरफा हमला बोला है. करनाल की नई अनाज मंडी का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनने पहुंचे हुड्डा ने जहां मंडियों में फैली अव्यवस्था और किसानों पर थोपी जा रही शर्तों का कड़ा विरोध किया. वहीं राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को लेकर भी करारा तंज कसा.
मंडी में किसानों से सीधे संवाद करते हुए हुड्डा ने कहा कि सरकार का प्राथमिक कर्तव्य किसानों को सम्मान देना है, लेकिन मौजूदा हालात इसके बिल्कुल उलट हैं. उन्होंने गेहूं बिक्री के लिए अनिवार्य की गई ‘बायोमेट्रिक प्रक्रिया’ को तुरंत रद्द करने की मांग उठाई. हुड्डा ने साफ कहा कि पोर्टल रजिस्ट्रेशन, गेट पास, गारंटर, ट्रैक्टर नंबर और वेरिफिकेशन जैसी शर्तें किसानों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि ‘अनावश्यक बोझ’ बन गई हैं.
उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश से मंडियों में बदहाली की शिकायतें आ रही हैं. इन उलझनों के कारण किसान कई-कई दिनों तक अपनी ही फसल बेचने के लिए इंतजार करने को मजबूर हैं. हुड्डा ने सरकार से मांग की कि गेहूं खरीद की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए और खराब फसल की स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए.
‘क्रॉस वोटिंग की है तो CM से मिलेंगे ही’
राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायक मोहम्मद इसराइल और मोहम्मद इलियास की मुख्यमंत्री से मुलाकात के सवाल पर हुड्डा ने चुटकी ली. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब क्रॉस वोटिंग की है, तो वे मुख्यमंत्री से मिलेंगे ही.” इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा शासनकाल में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं.
2014 से पहले नंबर वन था हरियाणा
हुड्डा ने प्रदेश की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए पुरानी उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले जो हरियाणा कानून व्यवस्था, खेल-खिलाड़ियों, प्रति व्यक्ति आय और रोजगार (नौकरियां) देने में पूरे देश में नंबर एक पर था, आज वह हर मोर्चे पर पिछड़ रहा है. प्रदेश के किसान, मजदूर और व्यापारी जिस हरियाणा को ऊंचाई पर ले गए थे, आज वहां की कानून व्यवस्था और विकास की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है.