दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने राजधानी के मशहूर और वीआईपी बाजार ‘खान मार्केट’ (Khan Market) के रेस्टोरेंट संचालकों को एक बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने अपने अहम आदेश में कहा है कि अगर किसी रेस्टोरेंट में एक समय पर 50 से कम लोगों के बैठने की क्षमता (Capacity) है, तो उसे ‘फायर सेफ्टी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (Fire NOC) के बिना भी चलने की अनुमति दी जा सकती है.
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि खान मार्केट दिल्ली की शान है और यह एक हेरिटेज मार्केट भी है. इसलिए यहां के छोटे रेस्टोरेंट्स को बिना वजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए.
कार्रवाई से पहले देना होगा 30 दिन का नोटिस
हाईकोर्ट ने साफ किया कि जिन रेस्टोरेंट्स की क्षमता 50 लोगों से कम है, उन्हें सिर्फ ‘फायर NOC’ न होने के आधार पर बंद नहीं किया जा सकता है. हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि छूट का मतलब नियमों की अनदेखी नहीं है:
रेस्टोरेंट्स को फायर डिपार्टमेंट और अन्य अधिकारियों द्वारा तय किए गए सभी बेसिक सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. यदि किसी रेस्टोरेंट के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई करनी हो, तो प्रशासन को पहले 30 दिन का एडवांस नोटिस देना जरूरी होगा. इस नोटिस पीरियड के दौरान रेस्टोरेंट मालिक कानूनी तरीके से अपना पक्ष रख सकेंगे.
क्यों कोर्ट पहुंचे थे रेस्टोरेंट मालिक?
दरअसल, खान मार्केट के कई मशहूर रेस्टोरेंट्स ने सरकार की सख्ती और नियमों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. रेस्टोरेंट संचालकों की दलील थी कि उन्हें ‘असेंबली बिल्डिंग’ (Assembly Building) की कैटेगरी में नहीं रखा जाना चाहिए, क्योंकि यह नियम उन जगहों पर लागू होता है जहां 50 या उससे ज्यादा लोग एक साथ मौजूद हों. उन्होंने बताया कि पहले स्वास्थ्य लाइसेंस (Health License) देते समय भी अधिकारियों ने उनकी क्षमता 50 से कम ही मानी थी.
NDMC के नोटिफिकेशन से सुलझा विवाद
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य भी आया कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी कर ‘ट्रेड लाइसेंस’ की जरूरत को खत्म कर दिया है, बशर्ते संचालक अन्य नियमों का पालन करें. कोर्ट ने माना कि अब लाइसेंस और फायर NOC से जुड़ा विवाद काफी हद तक खत्म हो चुका है, जिसके बाद इन याचिकाओं का निपटारा कर दिया गया.