जम्मू-कश्मीर कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में सर्वसम्मति से नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की कड़ी निंदा की गई. कैबिनेट ने इस पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग भी की है. सरकार का कहना है कि किसी भी राजनीतिक नेता या व्यक्ति पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है और इसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए.
यात्री वाहनों के किराए में 18 प्रतिशत बढ़ोतरी
कैबिनेट बैठक में आम लोगों से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया गया. सरकार ने यात्री वाहनों के किराए में 18 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. बताया गया कि ट्रांसपोर्टर पिछले करीब पांच साल से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे. उनकी मांग 50 प्रतिशत बढ़ोतरी की थी, लेकिन सरकार ने इसे कम करते हुए 18 प्रतिशत तक ही मंजूरी दी.
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद जम्मू-कश्मीर में 14 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 1029 रुपये हो गई है. बढ़ती महंगाई को देखते हुए लोगों पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है.
सड़कों पर उतारी जाएंगी 200 नई बसें
सरकार ने किराया बढ़ोतरी के असर को कुछ हद तक कम करने के लिए एक और फैसला लिया है. सरकारी प्रवक्ता के अनुसार जल्द ही सड़कों पर 200 नई बसें उतारी जाएंगी.
हालांकि इससे जम्मू-कश्मीर सड़क परिवहन निगम और स्मार्ट सिटी बस सेवाओं का घाटा और बढ़ सकता है, क्योंकि राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी बसों में सफर पहले से ही मुफ्त है.
दरअसल यह बढ़ोतरी इसलिए भी जरूरी बताई जा रही है क्योंकि 1 अप्रैल 2026 से हाई-स्पीड डीज़ल पर मिलने वाली ईंधन सब्सिडी खत्म हो जाएगी. अभी तक जम्मू-कश्मीर सरकार डीजल की कीमतों से राहत देने के लिए प्रति लीटर 2 रुपये की छूट दे रही थी.
विधायकों और मंत्रियों के भत्तों में बढ़ोतरी
कैबिनेट बैठक से विधानसभा के 90 विधायकों के लिए भी राहत की खबर आई. सरकार ने मंत्रियों, विधायकों, स्पीकर और विपक्ष के नेता के यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता और चिकित्सा भत्ते में तुरंत प्रभाव से बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है.
एलपीजी संकट पर सरकार की सफाई
चल रही एलपीजी कमी की खबरों पर सरकार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है. सरकार ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की. साथ ही कालाबाजारी की शिकायतों की जांच के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं.