होली के दिन पटना ट्रैफिक पुलिस ने रिकॉर्ड बनाते हुए बड़ी कार्रवाई की. 4 और 5 मार्च 2026 को CCTV और ANPR कैमरों की मदद से हजारों वाहनों के चालान काटे गए और करोड़ों रुपये की वसूली हुई. पटना के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की गई निगरानी के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें यातायात नियम तोड़ने वाले हजारों वाहन चालकों पर जुर्माना लगाया गया.
ITMS सिस्टम से हुई सख्त निगरानी
पटना पुलिस अधीक्षक यातायात कार्यालय के अनुसार, शहर में लगाए गए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है. कैमरों और एएनपीआर तकनीक की मदद से विभिन्न चौराहों और सड़कों पर वाहनों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया.
वीडियो फुटेज और इमेज के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान कर ई-चालान जारी किए गए. अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पूरी तरह डिजिटल सिस्टम के माध्यम से की गई, जिससे नियम तोड़ने वालों पर तुरंत जुर्माना लगाया जा सका.
इतने वाहनों का कटा चालान
पटना ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक होली के दौरान कुल 10,236 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 1,20,01,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया. अलग-अलग तरह के यातायात नियम उल्लंघन के मामले सामने आए.
हेलमेट नहीं पहनना – 7,990 वाहन, 79,90,000 रुपये जुर्माना.
ट्रिपल राइड – 471 वाहन, 4,71,000 रुपये जुर्माना.
ओवर स्पीडिंग – 51 वाहन, 10,20,000 रुपये जुर्माना.
बिना इंश्योरेंस के – 1,645 वाहन, 32,90,000 रुपये जुर्माना.
रेड लाइट जंपिंग – 22 वाहन, 50,000 रुपये जुर्माना.
गाड़ी चलाते हुए फोन पर बात करना – 10 वाहन, 50,000 रुपये जुर्माना.
सीट बेल्ट नहीं पहनना– 1 वाहन, 1,000 रुपये जुर्माना.
रौंग वे – 33 वाहन, 41,000 रुपये जुर्माना.
नौ पार्किंग – 13 वाहन, 6,500 रुपये जुर्माना.
लोगों से नियमों का पालन करने की अपील
पटना ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार डिजिटल निगरानी की जा रही है. होली के दिन की यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में शामिल मानी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्ती जारी रहेगी.
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय सभी यातायात नियमों का पालन करें. हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, लाल बत्ती न तोड़ें और तेज रफ्तार से बचें. पुलिस का कहना है कि सुरक्षित ड्राइविंग ही सुरक्षित पटना का आधार है.