न्यूज़ बाय — रज़ा लाला ख़ान
भारत की शाही विरासत और आधुनिक सामाजिक भूमिका का अनोखा संगम मानी जाने वाली Radhikaraje Gaekwad एक बार फिर चर्चा में हैं। लगभग ₹20,000 करोड़ के अनुमानित बैंक बैलेंस और देश के सबसे भव्य निजी निवासों में शामिल महल में रहने को लेकर उनका नाम सुर्खियों में है।
वडोदरा का ऐतिहासिक लक्ष्मी विलास पैलेस
वे वडोदरा स्थित Laxmi Vilas Palace में निवास करती हैं, जिसे भारत के सबसे भव्य शाही महलों में गिना जाता है। अनुमानित रूप से इसकी कीमत करीब ₹25,000 करोड़ बताई जाती है।
1890 में निर्मित यह महल लगभग 30 लाख वर्गफुट क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी भव्यता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें 170 से अधिक कमरे, विशाल दरबार हॉल, निजी गोल्फ कोर्स, और एक समृद्ध शाही संग्रहालय भी मौजूद है।
शाही जीवन के साथ जिम्मेदारी भी
हालांकि राधिकाराजे गायकवाड़ का जीवन केवल शाही वैभव तक सीमित नहीं है। वे पूर्व पत्रकार, लेखिका और इतिहास शोधकर्ता भी रह चुकी हैं। इसके साथ ही वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण, बच्चों की शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े कई अभियानों में उनकी भागीदारी रही है।
आधुनिक भारत में शाही विरासत की पहचान
आज के समय में जब देश के अधिकांश ऐतिहासिक राजमहल होटल या संग्रहालयों में बदल चुके हैं, ऐसे में लक्ष्मी विलास पैलेस का एक सक्रिय शाही निवास के रूप में बने रहना इसे और भी खास बनाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह महल केवल संपत्ति नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का जीवंत उदाहरण है।
राधिकाराजे गायकवाड़ का जीवन इस बात का उदाहरण है कि शाही विरासत केवल वैभव का प्रतीक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, संस्कृति और सामाजिक योगदान का माध्यम भी हो सकता है। उनकी पहचान आज एक ऐसी शख्सियत के रूप में उभरती है, जो परंपरा और आधुनिकता दोनों को साथ लेकर चल रही हैं।
