
मध्य पूर्व के बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में 22 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दो विदेशी जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
कब्जे में लिए गए जहाजों में पहला है Epaminondas, जो लाइबेरिया के झंडे वाला एक कंटेनर जहाज है। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के जेबेल अली पोर्ट से भारत के मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा था। दूसरा जहाज MSC Francesca है, जो पनामा के झंडे के तहत संचालित होता है। ईरान ने दावा किया है कि यह जहाज इज़राइल से जुड़ा हुआ है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, दोनों जहाजों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन किया था। IRGC का कहना है कि जहाजों ने अपने नेविगेशन सिस्टम (AIS) के साथ छेड़छाड़ की और बिना अनुमति के जलडमरूमध्य से बाहर निकलने की कोशिश की, जो क्षेत्रीय सुरक्षा नियमों के खिलाफ है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार, खासकर ऊर्जा क्षेत्र पर भी सीधा प्रभाव डाल सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से खाड़ी क्षेत्र में पहले से मौजूद भू-राजनीतिक तनाव और गहरा सकता है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां अब इस मार्ग से गुजरने को लेकर अधिक सतर्क हो सकती हैं, जिससे माल ढुलाई की लागत और समय दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
फिलहाल, इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है और कई देश स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील कर रहे हैं।
