News by : Azam lala
भोपाल के वार्ड 78 करोंद की तस्वीर एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रही है कि क्या “स्वच्छता अभियान” सिर्फ़ पोस्टरों और भाषणों तक महदूद रह गया है?
करीब एक हफ़्ते से ज़्यादा समय से 14 स्टार स्कूल के पास कूड़े का बड़ा ढेर लगा हुआ है। बदबू, गंदगी और बीमारी के ख़तरे के बावजूद ज़िम्मेदार अफ़सरों की बेरुख़ी जारी है। स्थानीय लोगों और पत्रकारों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद जोन 17 के एच.ओ. रामरत्न लोहिया और संबंधित दरोगा बाबू ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
जब संबंधित कर्मचारी से कहा गया कि यह हालत के स्वच्छ भारत अभियान की भावना के विपरीत है, तो जवाब मिला कि सड़क पर कचरा फेंकने वालों को आप ही रोक लें। बाद में वरिष्ठ अधिकारी को अवगत कराया गया, लेकिन वहाँ से भी संतुष्ट भरा जवाब नहीं मिला |
पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि उनका काम प्रशासन को लापरवाही से अवगत कराना है, न कि उन लोगों से उलझना जो सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाते हैं। इसके बावजूद शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।
वार्ड 78 के पार्षद की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि वार्ड में समय पर कचरा तक न उठे, तो आम नागरिकों की बुनियादी समस्याओं के समाधान की उम्मीद कैसे की जाए?
यदि वार्ड 78 की वास्तविक तस्वीर व्यापक रूप से सामने आए, तो संभव है कि निगम कमिश्नर और महापौर को “स्वच्छ भोपाल” के दावों पर पुनर्विचार करना पड़े। स्वच्छता में भोपाल को दूसरे नंबर पर देखा जाता है अगर वार्ड 78 की तस्वीर सामने रखी जाए तो भोपाल को 200 नंबर पर भी रखने के लिए सोचना पड़ेगा |
सबसे अहम सवाल यह है कि जब पत्रकारों की शिकायतों को भी नज़रअंदाज़ किया जा रहा है, तो आम रहवासियों की शिकायतों पर कितनी सुनवाई होती होगी। वार्ड 78 की मौजूदा स्थिति यह बताती है कि अगर कचरा उठाने जैसी बुनियादी व्यवस्था भी समय पर न हो, तो ज़िम्मेदारों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। निगम कर्मचारी अपनी ड्यूटी कब करेंगे कब तक कचरा उठाने के लिए भी निगम दरोगा बाबू को सूचित करना पड़ेगा हफ्तों से कचरा नहीं उठाया गया |
इस का मतलब निगम दरोगा बाबू क्षेत्र में आते ही नहीं या उन्हें कचरा दिखाई नहीं देता एक बात बार बार निगम अधिकारियों द्वारा बोली जाती है गाड़ी आती है डोर तो डोर तो कचरा गाड़ी में डालना चाहिए बात एकदम सही रहवासियों के डोर तो डोर जब निगम की गाड़ी आती है तो घर से इतनी दूर कचरा फेंकने सड़क पर क्यों आते है | अब इन्हें कौन समझाए कि कचरा रोज निकलता है | अगर गाड़ी डोर टू डोर रोज आए तो कोई पागल होगा जो कचरा उठा कर दूर सड़क किनारे फेंकने आएगा निगम कर्मचारी की अपने कर्तव्य में लापरवाही की वजह है आज भोपाल नंबर 1 स्वच्छता में नहीं बन सका आजत |
