News by Azam lala
आगर मालवा। शहर के बस स्टैंड इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब सुलभ कॉम्प्लेक्स के नज़दीक लगी बिजली की डीपी अचानक आग का गोला बन गई। देखते ही देखते चिंगारियां शोले बनकर आसमान छूने लगीं और इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले डीपी से तेज़ धमाके जैसी आवाज़ सुनाई दी, जिसके बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। लोगों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही उठती लपटों ने पास में स्थित एक ऑटो पार्ट्स की गुमटी को अपनी गिरफ्त में ले लिया।
कुछ ही पलों में गुमटी आग के आगोश में समा गई और अंदर रखा सामान जलकर खाक हो गया। बताया जा रहा है कि इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि आसपास मौजूद लोग दूर हटने पर मजबूर हो गए।
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए ताकि लपटें आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों तक न फैल सकें।
हादसा या लापरवाही?
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्था पर बढ़ते दबाव और पुरानी हो चुकी व्यवस्थाओं के कारण ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। अगर समय रहते रखरखाव और सुरक्षा उपायों पर ध्यान न दिया जाए तो एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े नुकसान की वजह बन सकती है।
दर्द सिर्फ़ सामान का नहीं इस आग ने सिर्फ़ लोहे, प्लास्टिक और मशीनों को नहीं जलाया, बल्कि उस मेहनत को भी राख कर दिया जिसे एक दुकानदार ने वर्षों की मशक्कत से खड़ा किया था। आग बुझ जाएगी, राख हट जाएगी, लेकिन रोज़ी-रोटी पर पड़ा यह ज़ख्म शायद लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
बस स्टैंड क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर बिजली सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आग लगने के सटीक कारणों की जांच जारी है।
