रात की ख़ामोशी अपने शबाब पर थी… घड़ी की सुइयाँ दो बजने का ऐलान कर चुकी थीं। उस समय इत्तेफाकन उस रस्ते से मेरा गुजर हुआ इस नजारे को कैमरे में कैद करने से अपने हाथों को रोक न पाया जाह | शहर की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ था, हर घर में लोग सुकून की नींद में मशगूल थे, लेकिन उसी वक़्त कुछ चेहरे ऐसे भी थे जिनकी आँखों में नींद नहीं, बल्कि अपने फ़र्ज़ की चमक दिखाई दे रही थी।
ये वो बहादुर ख़ाकी वर्दी वाले जवान हैं, जो अपनी आरामगाह छोड़कर आवाम की हिफाज़त के लिए सड़कों पर मुस्तैद खड़े रहते हैं। Madhya Pradesh Police के जांबाज़ सिपाही रात की तारीकी में भी अमन-ओ-अमान कायम रखने की जद्दोजहद में जुटे दिखाई दिए।
Nishatpura इलाके की कॉलोनियों में 100 डायल के जवान लगातार गश्त करते नज़र आए। हर संदिग्ध गाड़ी को रोककर बारीकी से तलाशी ली जा रही थी, ताकि किसी भी नापाक इरादे को वक़्त रहते नाकाम किया जा सके।
इस पूरी मुहिम के पीछे Manoj Patwa के सख़्त निर्देश और बेहतर पुलिसिंग की झलक साफ़ दिखाई दी। उनकी सरपरस्ती में पुलिस जवान रात के अंधेरों में भी पूरी लगन और ईमानदारी के साथ अपने फ़र्ज़ को अंजाम देते नज़र आए।
दिलचस्प बात ये रही कि उस वक़्त न कोई आला अफ़सर मौजूद था, न कोई कैमरा उनकी ड्यूटी रिकॉर्ड कर रहा था, लेकिन इसके बावजूद जवान पूरी जिम्मेदारी और वफ़ादारी के साथ गश्त करते दिखाई दिए। यही असल ड्यूटी है… यही ख़ाकी की शान है।
चारों तरफ तारीकी, सुनसान सड़कें, ठंडी हवाएँ और वीरान गलियाँ… मगर इन हालात में भी पुलिस के कदम नहीं रुके। क्योंकि उन्हें मालूम है कि अगर वो जागते रहेंगे, तभी शहर चैन की नींद सो पाएगा। आज जब लोग अपने घरों में बेख़ौफ़ होकर आराम कर रहे हैं, तो उसके पीछे इन गुमनाम सिपाहियों की रातभर की मेहनत, कुर्बानी और वतनपरस्ती छिपी हुई है। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ और जांबाज़ जवानों को दिल से सलाम,करता है न्यूज 100 चैनल जो नौकरी नहीं बल्कि इबादत समझकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
