संवाददाता: आज़म लाला
भोपाल देहात पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग की तरफ बढ़ाया बड़ा कदम |
भोपाल। बदलते दौर में जब हर महकमा तकनीक का दामन थाम रहा है, ऐसे में भोपाल देहात पुलिस भी अब पारंपरिक तफ्तीश के तरीके छोड़कर डिजिटल पुलिसिंग की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी सिलसिले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय भोपाल (देहात) में एक अहम कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के सभी विवेचकों को टैबलेट वितरित किए गए और ई-ऑफिस तथा ई-विवेचना का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
यह पहल सिर्फ टैबलेट बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस विवेचना को अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वर्षों से पुलिस विभाग में केस डायरी, दस्तावेजों और रिपोर्टों का बड़ा हिस्सा कागजी कार्रवाई पर निर्भर रहा है, जिससे कई बार अनावश्यक देरी और तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भोपाल ग्रामीण रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक दौर में तकनीकी उन्नयन ही प्रभावी पुलिसिंग की असली बुनियाद है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से न सिर्फ तफ्तीश की गुणवत्ता बेहतर होगी बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि पहले सीमित संसाधनों के कारण हर विवेचक को तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती थीं, लेकिन अब प्रत्येक विवेचक को टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे घटनास्थल से ही दस्तावेजों का संधारण, डिजिटल रिकॉर्डिंग और मामलों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
विश्लेषण की दृष्टि से देखा जाए तो यह कदम केवल पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण का हिस्सा नहीं, बल्कि आम नागरिकों को त्वरित न्याय और बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। डिजिटल तफ्तीश से केसों के रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे, जवाबदेही तय होगी और विवेचना की गति में भी उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
अगर इस व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो आने वाले समय में भोपाल देहात पुलिस प्रदेश में तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग का एक सफल मॉडल बनकर उभर सकती है।

