बुहानपुर से गोपाल देवकर की रिपोर्ट
बुरहानपुर। जिले के नेपानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल का मॉर्च्युरी रूम वर्षों से बदहाल स्थिति में है। हालात ऐसे हैं कि पोस्टमार्टम रूम में न दरवाजे हैं और न ही खिड़कियां। ऐसे में पोस्टमार्टम के लिए लाए गए शवों की सुरक्षा के लिए परिजनों और पुलिसकर्मियों को पहरा देना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मॉर्च्युरी रूम पिछले दो से तीन वर्षों से जर्जर हालत में है। भवन पूरी तरह खुला होने के कारण आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों के शव तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि पहले भी आवारा कुत्तों द्वारा शवों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी ने इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मृतकों के सम्मान से जुड़े इतने गंभीर मामले की लगातार अनदेखी की जा रही है।
वहीं, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हिमांशु चौधरी ने बताया कि मॉर्च्युरी रूम की जर्जर स्थिति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और नए निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र वर्मा ने भी बताया कि नए मॉर्च्युरी रूम के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इस संबंध में कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर नए मॉर्च्युरी रूम के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बड़ा सवाल यह है कि मृतकों की गरिमा से जुड़े इस गंभीर मुद्दे का स्थायी समाधान कब होगा और आखिर कब तक परिजनों एवं पुलिसकर्मियों को शवों की सुरक्षा के लिए मजबूरन पहरा देना पड़ेगा।
