मध्यप्रदेश अब देश में “चीता स्टेट” के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में यह उपलब्धि प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। प्रोजेक्ट चीता के तहत लंबे अंतराल के बाद भारत में चीतों की वापसी हुई और Kuno National Park इस ऐतिहासिक पहल का केंद्र बना। यहां चीतों के पुनर्स्थापन, निगरानी और संरक्षण के लिए विशेष व्यवस्थाएं विकसित की गईं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।
प्रदेश में चीतों की संख्या बढ़कर 53 तक पहुंचना इस परियोजना की सफलता और वन विभाग के संरक्षण प्रयासों को दर्शाता है। विशेषज्ञ इसे केवल संख्या वृद्धि नहीं, बल्कि भारत में विलुप्त हो चुके चीता प्रजाति को दोबारा स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानते हैं। इससे जैव विविधता संरक्षण को मजबूती मिलने के साथ मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनी है।
इस उपलब्धि का असर पर्यटन क्षेत्र पर भी दिखाई दे रहा है। कुनो क्षेत्र में देश-विदेश से पर्यटकों की रुचि बढ़ रही है, जिससे स्थानीय रोजगार, होटल, गाइड और अन्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वन्यजीव पर्यटन के विस्तार के साथ मध्यप्रदेश अपनी “टाइगर स्टेट” की पहचान के साथ अब “चीता स्टेट” के रूप में भी उभर रहा है। यह पहल संरक्षण, पर्यटन और स्थानीय विकास—तीनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
