मध्यप्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दिन चढ़ते ही सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और दोपहर के समय हालात ऐसे बन रहे हैं मानो आसमान से आग बरस रही हो। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने के संकेत नहीं दिए हैं।
राजधानी भोपाल में भी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी, जबकि अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं के मरीज बढ़ने लगे हैं।
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नौगांव में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा ग्वालियर, टीकमगढ़, दमोह, सागर, रीवा और छतरपुर समेत कई जिलों में तापमान 43 से 45 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी ने किसानों, मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम से आने वाली गर्म और शुष्क हवाओं के कारण प्रदेश में लू जैसे हालात बने हुए हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। फिलहाल प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से तुरंत राहत मिलती नहीं दिख रही, ऐसे में आने वाले दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
