फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित VivaTech 2026 में भारत को Official AI Country Partner का दर्जा मिलना देश की तकनीकी और डिजिटल प्रगति के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। VivaTech यूरोप का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्टार्टअप सम्मेलन है, जहां दुनिया भर की प्रमुख टेक कंपनियां, निवेशक, शोधकर्ता, नीति निर्माता और उद्यमी एक मंच पर जुटते हैं। इस वर्ष भारत को विशेष भागीदार के रूप में शामिल किए जाने से वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में उसकी बढ़ती भूमिका को नई पहचान मिली है।

इस प्रतिष्ठित आयोजन में भारत अपने तेजी से विकसित हो रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीप टेक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और उभरती तकनीकों का प्रदर्शन कर रहा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न नवाचारों, AI आधारित समाधानों और डिजिटल परिवर्तन के सफल मॉडलों को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर रहा है। भारत के कई स्टार्टअप और टेक कंपनियां भी इस मंच पर अपने उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन कर रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसी का परिणाम है कि आज भारत वैश्विक तकनीकी चर्चाओं के केंद्र में पहुंच गया है। VivaTech जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुख भागीदारी से भारतीय कंपनियों को निवेश, वैश्विक साझेदारी और नए बाजारों तक पहुंच के अवसर मिलेंगे।

यह उपलब्धि केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती आर्थिक और रणनीतिक ताकत को भी दर्शाती है। माना जा रहा है कि VivaTech 2026 में भारत की मजबूत उपस्थिति देश को वैश्विक AI और डिजिटल नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे भारतीय स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों और तकनीकी उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और अवसर प्राप्त होंगे।
