नई दिल्ली। सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने सोने और चांदी की बेस इंपोर्ट प्राइस में कटौती कर दी है। बेस इंपोर्ट प्राइस वह निर्धारित मूल्य होता है, जिसके आधार पर आयातित सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी की गणना की जाती है। सरकार के इस फैसले से आयातकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
घरेलू बाजार की कीमतों पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार बेस इंपोर्ट प्राइस में कमी आने से आयात लागत घट सकती है, जिसका असर घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि खुदरा बाजार में अंतिम कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव, डॉलर की स्थिति और अन्य करों पर भी निर्भर करेंगी। इसके बावजूद इस फैसले को बुलियन कारोबार के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
मांग बढ़ने की उम्मीद
हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे में सरकार द्वारा बेस इंपोर्ट प्राइस घटाने का फैसला बाजार को स्थिरता देने और मांग बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। कारोबारियों का मानना है कि इससे ज्वेलरी उद्योग और बुलियन बाजार को भी राहत मिलेगी।
समय-समय पर होती है समीक्षा
सरकार वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर बेस इंपोर्ट प्राइस की समीक्षा करती है। इसका उद्देश्य आयात शुल्क को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अनुरूप बनाए रखना होता है। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इसका घरेलू कीमतों पर कितना प्रभाव पड़ता है।
