न्यूज़ बाय : रज़ा लाला ख़ान
स्थानीय लोगों में नाराज़गी, रेस्क्यू और राहत कार्य पर चर्चा
उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एक हाईराइज सोसाइटी के 12वें फ्लोर पर अचानक आग लगने की घटना से हड़कंप मच गया। आग लगते ही बिल्डिंग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी।
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड, राहत कार्य में आई चुनौतियां
सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि जरूरी ऊंचाई वाले रेस्क्यू उपकरणों की कमी के कारण आग बुझाने और राहत कार्य में कठिनाई हुई। लोगों का कहना है कि ऊपरी मंजिल तक पहुंचने के लिए पर्याप्त हाइड्रोलिक या ऊंचाई वाली सीढ़ियों की उपलब्धता नहीं थी, जिसके चलते दमकलकर्मियों को सीढ़ियों के माध्यम से ऊपर जाना पड़ा।
दो फ्लैट पूरी तरह क्षतिग्रस्त
आग की इस घटना में 12वें फ्लोर पर स्थित दो फ्लैट पूरी तरह से जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने से बड़ी दुर्घटना टल गई।
क्रेन और अन्य साधनों से किया गया रेस्क्यू
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए क्रेन और अन्य उपलब्ध साधनों की मदद ली गई। फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
फायर ब्रिगेड की कार्यशैली पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने फायर ब्रिगेड की तैयारियों और संसाधनों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि हाईराइज बिल्डिंगों की बढ़ती संख्या के बावजूद आपातकालीन सेवाओं के पास पर्याप्त आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता पर गंभीर ध्यान देने की जरूरत है।
प्रशासन जांच की संभावना
फिलहाल प्रशासन द्वारा घटना के कारणों और राहत कार्य की प्रक्रिया की समीक्षा किए जाने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही आग लगने के वास्तविक कारणों की भी जांच की जा रही है।
