भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र की रहने वाली एक कॉलेज छात्रा ने अपने साथ हुए कथित दुष्कर्म, धोखाधड़ी और उत्पीड़न को लेकर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। छात्रा, जो रातीबड़ स्थित एक निजी विश्वविद्यालय में अध्ययनरत है, ने आरोप लगाया कि उसके ही कॉलेज में पढ़ने वाले एक युवक ने अपना नाम बदलकर उससे दोस्ती की और धीरे-धीरे उसे भरोसे में लेकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने बाद में शादी से इनकार कर दिया और उसे ब्लैकमेल करने लगा। साथ ही, उसके दो अन्य साथियों द्वारा भी लगातार धमकियां देकर दबाव बनाया गया। जब छात्रा को आरोपी की असल पहचान का पता चला, तो उसने तुरंत महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
छात्रा का कहना है कि वह वर्तमान में तीन माह की गर्भवती है और इस स्थिति में उसे मानसिक, सामाजिक और शारीरिक रूप से गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उसने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद महिला थाना पुलिस ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और उस पर समझौते के लिए दबाव बनाया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें थाने से ही छोड़ दिया, जिससे पूरे मामले में संदेह की स्थिति बनती है। इस पर पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
छात्रा ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उसने चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला, तो वह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर हो सकती है।
यह मामला सामने आने के बाद शहर में चर्चा का विषय बन गया है और महिला सुरक्षा, पुलिस की कार्यशैली और न्याय व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
NEWS BY : AAZAM LALA
