ओडिशा में एक शख्स ने अपनी मृत बहन का कंकाल बैंक में लाकर रख दिया, सिर्फ इसलिए कि वह उसकी मौत को साबित कर सके। वह अपनी बहन के खाते से ₹20,000 निकालना चाहता था, लेकिन बैंक अधिकारियों ने उसकी बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि खाताधारक को खुद बैंक में आना होगा।
शख्स ने बताया कि उसकी बहन की मौत हो चुकी है, लेकिन अधिकारियों ने उसकी बात नहीं सुनी। हताश होकर उसने यह कदम उठाया। यह घटना दिखाती है कि हमारी व्यवस्था में बुनियादी मानवीय समझ की कितनी कमी है।
लेकिन अब बैंक वाले कहेंगे कि यह साबित करो कि यही तुम्हारी बहन है। वैसे, किसी को मृत साबित करने के लिए डैथ सर्टिफिकेट लगता है, लाश नहीं। 75 साल हो गए आजादी को, और 12 साल हो गए डिजिटल होने को, लेकिन यह सुविधा अभी भी गांव-गांव तक नहीं पहुंची है।
