दुनियाभर के वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन अब सिर्फ मौसम बदलने की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर वैश्विक संकट बन चुका है। इसी कारण विशेषज्ञों ने World Health Organization (WHO) से क्लाइमेट संकट को “वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल” घोषित करने की मांग की है |
WHO द्वारा यदि इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया जाता है, तो दुनिया के देशों पर जलवायु परिवर्तन को रोकने और स्वास्थ्य सुरक्षा पर तेजी से काम करने का दबाव बढ़ सकता है। यह कदम वैश्विक स्तर पर नीति, फंडिंग और आपदा तैयारी को नई दिशा दे सकता है।
