छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने एपीसी बैठक में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य और सहकारिता विभागों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को खरीफ सीजन में अधिक से अधिक किसानों का फसल बीमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने उर्वरक वितरण केवल ई-विकास प्रणाली के माध्यम से करने और अनुशंसित मात्रा से अधिक उर्वरक खरीदने वाले किसानों का सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बीज निगम के प्रक्षेत्र में खरीफ 2025 के दौरान बीज उत्पादन बेहद कम पाए जाने पर जांच दल गठित कर एसडीएम और डीडीए को जांच के निर्देश दिए गए। वहीं फसल बीमा से जुड़ी सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर छतरपुर और बड़ामलहरा के एसएडीओ की तीन दिन की वेतन कटौती के आदेश दिए गए।
कलेक्टर ने किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने, क्लस्टर विकसित करने और नरवाई प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा पशुपालन विभाग को कृत्रिम गर्भाधान अभियान में तेजी लाने और निष्क्रिय मैत्री कार्यकर्ताओं को बदलने के निर्देश दिए गए।
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (PMFME) के लंबित आवेदनों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। योजना में खराब प्रगति पर बारीगढ़, राजनगर और बड़ामलहरा के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अनुपस्थित रहने पर डीएमओ मार्कफेड और डीडी वेटनरी के एक दिन के वेतन काटने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए।
