हमीदिया अस्पताल के आसपास नगर निगम द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। निगम अमला जब अस्पताल के मुख्य गेट के पास पहुंचा, तो वहां पहले से लगे फल ठेले और अन्य अस्थायी अतिक्रमण हटाने को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों के साथ नोंकझोंक शुरू हो गई। इसी दौरान अतिक्रमण अधिकारी नासिर खान के साथ झूमाझटकी की घटना भी सामने आई, जिससे माहौल और ज्यादा गर्मा गया।
हालांकि विरोध के बावजूद नगर निगम की टीम ने कार्रवाई जारी रखी और सख्ती दिखाते हुए अतिक्रमण हटाया। इस अभियान की शुरुआत हमीदिया रोड से की गई थी, जहां सड़क किनारे फैले अवैध कब्जों को चिन्हित कर हटाने का काम शुरू हुआ। जैसे-जैसे टीम आगे बढ़ी, गेट के पास लगे फल ठेलों को हटाने पर विवाद बढ़ गया, क्योंकि कई लोग अपनी रोजी-रोटी का हवाला देते हुए कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।
इसके बाद निगम अमला रॉयल मार्केट क्षेत्र पहुंचा, जहां भी सड़क और फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। यहां भी कुछ स्थानों पर हल्का विरोध देखने को मिला, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रही।
अभियान का अगला पड़ाव न्यू मार्केट रहा, जहां टीम ने पहुंचकर लाउडस्पीकर के माध्यम से अनाउंसमेंट किया। लोगों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से सड़क किनारे खड़े वाहनों और अस्थायी दुकानों को हटवाया गया, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू हो सके।
नगर निगम ने इस पूरी कार्रवाई के बाद साफ कर दिया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि अब इसे नियमित रूप से चलाया जाएगा। खासतौर पर शाम के समय भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है, क्योंकि उस समय बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ अतिक्रमण की समस्या ज्यादा गंभीर हो जाती है।
कुल मिलाकर, यह अभियान शहर में यातायात सुधार और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में एक सख्त प्रशासनिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इसके साथ ही आजीविका और व्यवस्था के बीच संतुलन की चुनौती भी साफ नजर आ रही है।
