जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मालथौन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, उपचार व्यवस्था, स्वच्छता और मरीजों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की।
कलेक्टर ने सबसे पहले ओपीडी का निरीक्षण किया और वहां उपचार के लिए आए मरीजों से सीधे संवाद कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों की उपलब्धता तथा उपचार व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या के संबंध में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि सीएचसी मालथौन में प्रतिदिन लगभग 150 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान श्रीमती पाल ने अस्पताल में उपलब्ध दवाओं, चिकित्सा उपकरणों तथा स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को समय पर उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का भी निरीक्षण किया, जहां कुपोषित बच्चों के उपचार और देखभाल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने भर्ती बच्चों की माताओं से बातचीत कर बच्चों के स्वास्थ्य, खानपान और उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने माताओं को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार देने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्षों में पोषण का विशेष महत्व होता है। यदि बच्चों को समय पर उचित पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें तो कुपोषण जैसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने माताओं से बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया। इस दौरान शौचालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में स्वच्छता का विशेष महत्व है और मरीजों को साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित हों, मरीजों को समय पर उपचार मिले तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार किया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले प्रत्येक मरीज को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं प्रदान की जानी चाहिए, ताकि आम नागरिकों का सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
