मई 2026 के पहले सप्ताह में अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव चरम पर है। अमेरिकी नौसेना ने ईरानी हमलों के जवाब में जवाबी कार्रवाई की है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।
मुख्य सैन्य घटनाक्रम (मई 2026)
7 ईरानी नावें डुबोई गईं अमेरिकी सेना द्वारा। होर्मुज़ में ईरान की 7 छोटी नावों (Small Boats) को उस समय नष्ट कर दिया जब वे व्यापारिक जहाजों के मार्ग में बाधा डाल रही थीं ऐसा अमरीका का दावा है और उन पर हमला करने की कोशिश कर रही थीं।
प्रोजेक्ट फ्रीडम (Project Freedom) के तहत राष्ट्रपति ट्रम्प ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया है। अमेरिकी नौसेना उन जहाजों को सुरक्षा घेरा (Escort) दे रही है जो ईरान की नाकेबंदी के कारण फंसे हुए हैं।
ईरान द्वारा व्यापारिक जहाजों पर हमला किया गया ऐसा ईरान पर आरोप है कि उसने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तेल निर्यात क्षेत्र और अन्य वाणिज्यिक जहाजों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए हैं।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी है
डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के प्रति बेहद कड़ा रुख अपनाया है और कई विस्फोटक धमकियां दी हैं:
“धरती से मिटाने” की धमकी: ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने किसी भी अमेरिकी जहाज को निशाना बनाया या उनके कार्यों में बाधा डाली, तो वह ईरान को “धरती से मिटा देंगे” (Wipe off the face of the earth)
ईरान का पलटवार:
ईरान ने इन कार्रवाइयों को “समुद्री डकैती” करार दिया है और दावा किया है कि उसने अमेरिकी युद्धपोतों को पीछे हटने पर मजबूर किया है।
हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि यदि ईरान शांति समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो उसकी “पूरी सभ्यता समाप्त हो जाएगी” (A whole civilization will die)
होर्मुज़ जलडमरूमध्य की घेराबंदी (Blockade) कर दी है ताकि ईरान अपना तेल निर्यात न कर सके।
इस तनाव के कारण होर्मुज़ क्षेत्र में लगभग 1000 से अधिक जहाज फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक तेल और गैस की कीमतों पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।
न्यूज़ बाय
रज़ा लाला ख़ान
News 100 के लिए
