नई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले केंद्र सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। गृह मंत्रालय ने यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 670 कंपनियां तैनात करने का फैसला किया है। यात्रा मार्ग, बेस कैंप और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।
यात्रा मार्ग पर होगी हाईटेक निगरानी
इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है। यात्रा मार्गों पर ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
बेस कैंपों में आने-जाने वाले सभी लोगों और वाहनों की सघन जांच की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां चौबीसों घंटे निगरानी रखेंगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में विशेष सुरक्षा
यात्रा के संवेदनशील और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। भारतीय सेना, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस संयुक्त रूप से सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। पूरे यात्रा मार्ग की कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमें तैनात रहेंगी।
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की सलाह
प्रशासन ने यात्रियों से केवल अधिकृत मार्गों का उपयोग करने, सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करने और अपने पहचान पत्र व यात्रा संबंधी दस्तावेज हमेशा साथ रखने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा कर्मियों को देने को कहा गया है।
सरकार का कहना है कि इन व्यापक सुरक्षा इंतजामों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित अमरनाथ यात्रा का अनुभव उपलब्ध कराना है।
