News by Pradeep Jain
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के तहत राजगढ़ जिले की ब्यावरा शहर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए राजस्थान के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹3.24 लाख नकद और ठगी में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
₹5 के नोट के बदले ₹17 लाख दिलाने का दिया था झांसा
पुलिस के अनुसार फरियादी अनिल राजपूत, निवासी ग्राम आलमपुर (तहसील ब्यावरा), के पास ₹5 का एक विशेष नोट था, जिस पर ट्रैक्टर का चित्र बना हुआ था। आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से संपर्क कर दावा किया कि यह नोट बेहद दुर्लभ है और इसके बदले उसे ₹17 लाख मिल सकते हैं।
आरोपी ने खुद को भरोसेमंद बताते हुए फरियादी का विश्वास जीत लिया। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन और अन्य बहानों से अलग-अलग किश्तों में फरियादी से ₹3.65 लाख अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।
पूरी जमा पूंजी गंवाने के बाद आत्महत्या करने निकला पीड़ित
जब फरियादी को एहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हो चुकी है और उसकी जीवनभर की जमा पूंजी चली गई है, तो वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया। पुलिस के अनुसार वह आत्महत्या करने के उद्देश्य से घर से निकल गया था।
इसी दौरान ग्राम आलमपुर निवासी बलवंत सिंह सौंधिया ने उसकी स्थिति को समझा, उसे आत्महत्या जैसा कदम उठाने से रोका और अपने साथ ब्यावरा शहर थाने लेकर पहुंचे। वहां पीड़ित ने पूरी घटना पुलिस को बताई, जिसके बाद तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी (IPS) के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, IMEI, डिजिटल ट्रांजेक्शन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान की।
जांच के बाद पुलिस ने राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
जुबेर खान
पिता – सुभान खान
उम्र – 28 वर्ष
निवासी – ग्राम मटोरे, थाना खैरथल, जिला खैरथल-तिजारा (राजस्थान)
आरोपी से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से—
- ₹3,24,000 नकद
- Vivo कंपनी का एक मोबाइल फोन
- Realme कंपनी का एक मोबाइल फोन
बरामद किए हैं। दोनों मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किसी बड़े साइबर गिरोह का हिस्सा तो नहीं है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
फरियादी की शिकायत पर थाना ब्यावरा शहर में अपराध क्रमांक 451/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी दुर्लभ नोट, पुराने सिक्के या सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी का शिकार बनाया है या नहीं।
जान बचाने वाले ग्रामीण का हुआ सम्मान
पीड़ित की जान बचाने वाले बलवंत सिंह सौंधिया की मानवीय संवेदनशीलता की पुलिस ने सराहना की। पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने उन्हें शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
साथ ही आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
राजस्थान पुलिस का भी मिला सहयोग
आरोपी की गिरफ्तारी में खैरथल-तिजारा पुलिस और वहां की DST टीम का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। स्थानीय पुलिस और तकनीकी टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।
लोगों से पुलिस की अपील
राजगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले दुर्लभ नोट, पुराने सिक्कों, लॉटरी, इनाम या भारी रकम दिलाने जैसे किसी भी लालच में न आएं।
पुलिस ने कहा कि—
- OTP, UPI PIN, बैंक डिटेल, ATM जानकारी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- किसी भी ऑनलाइन ऑफर या खरीद-बिक्री से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।
- साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
- या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें तथा निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करें।
साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहना जरूरी
पुलिस का कहना है कि आजकल सोशल मीडिया के माध्यम से दुर्लभ नोट, पुराने सिक्कों, विदेशी खरीददार, ऑनलाइन निवेश, लॉटरी और इनाम के नाम पर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे मामलों में अपराधी पहले विश्वास जीतते हैं और फिर अलग-अलग बहानों से पैसे ऐंठते हैं। इसलिए किसी भी आर्थिक लेन-देन से पहले पूरी जांच करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देना बेहद जरूरी है।

