भोपाल। मध्य प्रदेश के कथित भूमि घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें इस कथित मामले का “मास्टरमाइंड” बताया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों की खरीद-फरोख्त और भूमि से जुड़े मामलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस वार्ता के दौरान दावा किया कि कथित भूमि सौदों में कई सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित और सरकारी भूमि के संरक्षण से जुड़ा है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक प्रेरित बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष बिना तथ्यों के केवल भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहले ऐसे आरोपों को खारिज कर चुके हैं और कहा है कि उन्होंने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है तथा उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं।
फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या मामले में किसी आधिकारिक जांच की घोषणा होती है या नहीं। अभी तक आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
