BRIJESH SRIVASTAVA/ उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। एक बार फिर टाइगर रिजर्व क्षेत्र से सटे इलाके में बाघ के हमले में एक वृद्ध की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में वन विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार यह घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा परिक्षेत्र अंतर्गत पलझा उत्तर बीट के आरएफ 604 क्षेत्र में हुई। बताया गया कि वृद्ध जंगल से सटे क्षेत्र में महुआ गोही (बीज) बीनने गए थे। इसी दौरान उन पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया।
हमले में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान अन्नू रजक पिता बितन्ना रजक (उम्र लगभग 60 वर्ष), निवासी ग्राम चंसुरा के रूप में की गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल बन गया।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ने और मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में जंगल से लगे गांवों के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि आजीविका और दैनिक जरूरतों के लिए कई लोग जंगल के आसपास जाते हैं, जिससे ऐसे जोखिम और बढ़ जाते हैं।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। प्रशासन और वन अमला घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच और आगे की आवश्यक कार्रवाई में जुटा हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संरक्षित वन क्षेत्रों के आसपास मानव गतिविधियों और वन्यजीवों की आवाजाही के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे क्षेत्रों में जागरूकता, निगरानी और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई जाती है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों से सतर्क रहने और जंगल क्षेत्रों में जाते समय आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी संबंधित विभागों की रिपोर्ट के बाद और स्पष्ट हो सकेगी।
