News by Rajbeer Singh Rathod
डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित साइबर जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 0.2’ के तहत बुरहानपुर पुलिस ने जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक बनाना और साइबर अपराधों से बचाव के लिए व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रमों के दौरान छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई और उन्हें ऑनलाइन दुनिया में सतर्क रहने का संदेश दिया गया। साथ ही साइबर सुरक्षा विषय पर क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों की समझ और जागरूकता को भी परखा गया।
इस अभियान के तहत आयोजित प्रमुख कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी ने माइक्रो विजन स्कूल पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों और उनसे बचने के प्रभावी तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्कता सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई लिंक, संदिग्ध ई-मेल, फर्जी वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन पर बिना जांच के क्लिक करना जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड, यूपीआई पिन और निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, निवेश धोखाधड़ी, फर्जी कस्टमर केयर कॉल, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े जोखिम और अन्य आधुनिक साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक श्री गौरव पाटिल ने भी विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने छात्रों को बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गोपनीयता सेटिंग्स का सही उपयोग करना, मजबूत पासवर्ड बनाना, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाना और फेक प्रोफाइल से सावधान रहना बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर एक विशेष साइबर सुरक्षा क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं बल्कि बच्चों की जागरूकता और सतर्कता को व्यवहारिक रूप से मजबूत करना था। विद्यार्थियों ने साइबर अपराधों से जुड़े सवालों के जवाब देकर अपनी समझ का प्रदर्शन किया।
अभियान केवल शहर तक सीमित नहीं रहा बल्कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
थाना खकनार के प्रभारी श्री अभिषेक जाधव एवं स्टाफ द्वारा बाबा कॉलेज खकनार और थाना परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
थाना निंबोला के प्रभारी श्री राहुल कामले एवं टीम ने गवर्नमेंट स्कूल निंबोला में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
थाना नेपानगर की प्रभारी श्रीमती ज्ञानू जायसवाल एवं स्टाफ ने उर्दू स्कूल नेपानगर में वीडियो क्लिप के माध्यम से साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
वहीं धूलकोट चौकी प्रभारी श्री कमल मोरे एवं स्टाफ द्वारा संदीपनी स्कूल ग्राम बोरी बुजुर्ग में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई।

पुलिस अधीक्षक ने अपने संदेश में कहा कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या डिजिटल धोखाधड़ी का सामना हो तो तुरंत अपने अभिभावकों को जानकारी दें और बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
कार्यक्रम में माइक्रो विजन स्कूल के संचालक श्री आनंद चौकसे, श्री कबीर चौकसे, रक्षित निरीक्षक श्री सुनील दीक्षित, थाना प्रभारी लालबाग श्री अमित जादौन, थाना प्रभारी कोतवाली नीता देयरवाल, थाना प्रभारी शिकारपुरा श्री संदीप चौरसिया, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक मनीष दीक्षित सहित स्कूल स्टाफ और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
“सोचिए, परखिए, फिर क्लिक कीजिए — एक सुरक्षित क्लिक, एक सुरक्षित भविष्य।”
