बुरहानपुर। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और सफाई कार्य में जुटी महिला कर्मियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बुरहानपुर में महिला सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मार्गदर्शन तथा नगर निगम बुरहानपुर के सहयोग से फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा परमानंद गोविंदवाला ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सफाई मित्रों को उनके दैनिक कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों, व्यक्तिगत स्वच्छता, कार्यस्थल सुरक्षा और आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी जानकारी प्रदान करना था ताकि वे सुरक्षित और बेहतर कार्य वातावरण में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।

कार्यशाला का शुभारंभ नगर निगम अधिकारियों और संबंधित विभागीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने महिला सफाई मित्रों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें स्वच्छ और स्वस्थ शहर निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।
अपने संबोधन में असिस्टेंट कमिश्नर ने कहा कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में सफाई मित्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग केवल साफ-सुथरा शहर देखते हैं, लेकिन उसके पीछे काम करने वाले सफाई मित्रों के श्रम, समर्पण और जिम्मेदारी को पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती। ऐसे में उनके स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने महिला सफाई मित्रों से अपील की कि वे कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों का नियमित और सही तरीके से उपयोग करें तथा स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्य वातावरण न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाता है बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है।
कार्यशाला के प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management), घर स्तर पर कचरा पृथक्करण, कचरे के सुरक्षित संग्रहण और परिवहन की प्रक्रिया, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के उपाय तथा कार्य के दौरान होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव के तरीकों को विस्तार से समझाया गया।
विशेष रूप से सुरक्षा उपकरणों के महत्व पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिला सफाई मित्रों को ग्लव्स, मास्क, गमबूट, एप्रन और अन्य सुरक्षा सामग्री के सही उपयोग, रखरखाव और समय पर बदलाव से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित रूप से सुरक्षा उपकरणों का उपयोग संक्रमण, त्वचा संबंधी समस्याओं और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद करता है।
कार्यक्रम के दौरान महिला सफाई मित्रों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाएं भी साझा कीं। प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें न केवल कार्य के प्रति अधिक जागरूक बनाते हैं बल्कि उनके आत्मविश्वास और कार्यकुशलता को भी बढ़ाते हैं।
समापन सत्र में असिस्टेंट कमिश्नर द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर महिला सफाई मित्रों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया और भविष्य में भी इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की टीम ने कार्यक्रम के संचालन, प्रशिक्षण और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस तरह की पहल का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं बल्कि सफाई मित्रों को अधिक सुरक्षित, जागरूक और सशक्त बनाना भी है।
यह कार्यशाला महिला सफाई मित्रों के स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षा को केंद्र में रखकर आयोजित किए गए प्रयासों का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं तो स्वच्छता सेवाओं की गुणवत्ता और सफाई कर्मियों के जीवन स्तर दोनों में सकारात्मक बदलाव संभव है।
