भारत के युवा तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा ने तुर्किये के अंताल्या में आयोजित आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 24 वर्षीय धीरज ने पहले रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा और फिर पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय तीरंदाजी को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई।

मिक्स्ड टीम स्पर्धा में धीरज ने 17 वर्षीय प्रतिभाशाली तीरंदाज कुमकुम मोहोड़ के साथ जोड़ी बनाई। भारतीय जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में दक्षिण कोरिया के ओलंपिक चैंपियन ओह येजिन और किम जे डेओक को 5-1 से हराया। भारत की जोड़ी ने नॉकआउट दौर में केवल दो सेट गंवाए और पूरे मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा। यह 2022 के बाद भारत का पहला रिकर्व मिक्स्ड टीम विश्व कप स्वर्ण पदक है।

मिक्स्ड टीम में स्वर्ण जीतने के कुछ ही घंटों बाद धीरज ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी कमाल कर दिखाया। पुरुष रिकर्व फाइनल में उनका सामना पेरिस ओलंपिक 2024 के कांस्य पदक विजेता दक्षिण कोरिया के ली वू-सोक से हुआ। धीरज ने संयम और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 7-3 से अपने नाम किया। फाइनल के आखिरी सेट में उन्होंने परफेक्ट 30 अंक हासिल कर जीत पर मुहर लगाई। यह उनके करियर का पहला व्यक्तिगत वर्ल्ड कप स्टेज खिताब है।
धीरज की यह उपलब्धि भारतीय तीरंदाजी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में भारत को पांच साल बाद विश्व कप स्तर पर स्वर्ण पदक मिला है। इस प्रदर्शन के साथ धीरज ने आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनका यह प्रदर्शन आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ओलंपिक तैयारियों के लिए भारत के लिए सकारात्मक संकेत है।

विजयवाड़ा के रहने वाले धीरज भारतीय सेना से जुड़े हैं और पिछले कुछ वर्षों में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं। अंताल्या में हासिल यह डबल गोल्ड न केवल उनके करियर का सबसे बड़ा मुकाम है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारतीय तीरंदाजी अब दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को चुनौती देने की क्षमता रखती है।
