भोपाल। मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से मक़बूल दयावान जन कल्याण समिति के सौजन्य से पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीसीपी मुख्यालय श्रीमती श्रद्धा तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति में पुलिस विभाग के दो कर्मियों श्री मुकेश साहू एवं श्री रंजीत रघुवंशी को “जीवन रक्षक पुरस्कार” प्रदान कर सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि 8 जून को पुलिस कमिश्नर कार्यालय परिसर में एक व्यक्ति को अचानक हृदयाघात (हार्ट अटैक) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ा था। स्थिति बेहद गंभीर थी और कुछ क्षणों की देरी भी व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे कठिन समय में पुलिस कर्मी मुकेश साहू और रंजीत रघुवंशी ने अद्भुत सूझबूझ, तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण संबंधित व्यक्ति की जान बचाई जा सकी।
इस साहसिक एवं सराहनीय कार्य को देखते हुए मक़बूल दयावान जन कल्याण समिति द्वारा दोनों पुलिस कर्मियों को जीवन रक्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने दोनों पुलिस कर्मियों के कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे पुलिस सेवा की मानवीय और संवेदनशील छवि का प्रतीक बताया।
सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि डीसीपी श्रीमती श्रद्धा तिवारी ने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों की सहायता करना भी है। मुकेश साहू और रंजीत रघुवंशी ने जिस तरह समय रहते सीपीआर देकर एक व्यक्ति का जीवन बचाया, वह पूरे पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय है।
कार्यक्रम में श्री सुनील कुशवाह, श्री रघुनाथ सिंह, सेवा भारती के सदस्य श्री बलवंत सिंह ठाकुर, जफर खान पुलिस, नवेद खान तथा समाजसेवी मक़बूल दयावान सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने दोनों पुलिस कर्मियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि ऐसे कार्य समाज में सेवा, समर्पण और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।
समारोह का समापन अतिथियों द्वारा दोनों सम्मानित पुलिस कर्मियों को शुभकामनाएं देने और उनके साहसिक कार्य की सराहना के साथ हुआ। यह सम्मान न केवल दो पुलिस कर्मियों के उत्कृष्ट कार्य का गौरव है, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और समर्पण का भी सम्मान है।
