कालापीपल। क्षेत्र के किसान कैलाश नाथ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी कृषि भूमि को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। वीडियो में किसान ने भू-माफिया, स्थानीय स्तर पर कथित मिलीभगत और राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी के जरिए जमीन हड़पने की साजिश का आरोप लगाया है।
किसान कैलाश नाथ का कहना है कि भूरिया-खजुरिया स्थित उनकी कृषि भूमि का सीमांकन 20 मई 2025 को पुलिस की मौजूदगी में किया गया था और वह भूमि उनके नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके बावजूद, उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास कर रहे हैं।
भू-माफिया और राजस्व कर्मचारियों पर आरोप :
किसान ने गांव के शंकरलाल परमार पर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने पटवारी खुशबू शर्मा पर भी राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी और पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया है।
वीडियो में किसान यह भी दावा करते नजर आते हैं कि उन्हें इस पूरे मामले को लेकर धमकियां मिल रही हैं, जिससे वे और उनका परिवार भय के माहौल में रह रहा है।
सीमांकन और दस्तावेजों का दावा :
कैलाश नाथ के अनुसार, उनके स्वामित्व वाली भूमि का सीमांकन प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत पुलिस की मौजूदगी में पहले ही किया जा चुका है, और उनके पास वैध दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद जमीन पर विवाद जारी है, जिसे उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही और मिलीभगत का परिणाम बताया है।
प्रशासनिक जांच की मांग :
किसान ने मुख्यमंत्री Mohan Yadav और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार :
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर जांच की संभावना जताई जा रही है।
यह मामला अब सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय प्रशासनिक हलकों तक चर्चा का विषय बना हुआ है, और सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।
