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भोपाल। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर देशभर में चल रही चर्चा के बीच भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता देश में समानता, सामाजिक न्याय और एक समान कानून व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि भारत सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah पूरे देश में UCC लागू करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश की Mohan Yadav सरकार ने भी समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिए एक समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
विधायक शर्मा ने कहा कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य देश के सभी नागरिकों के लिए समान कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक मामलों से जुड़े कानूनों में समानता लाई जा सके। उनका कहना था कि संविधान की भावना भी सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान न्याय की व्यवस्था को मजबूत करने की ओर संकेत करती है।
अपने बयान में रामेश्वर शर्मा ने जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक संतुलन जैसे विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में जनसंख्या वृद्धि और बदलती सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए समान नागरिक संहिता पर व्यापक चर्चा आवश्यक है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi के परिवार नियोजन संबंधी अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी समुदायों को जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक विकास के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
विधायक ने यह भी दावा किया कि देश के कुछ क्षेत्रों में जनसंख्या संरचना में बदलाव देखने को मिला है और सामाजिक व सांस्कृतिक चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। हालांकि, जनसंख्या और सामाजिक बदलाव से जुड़े ऐसे विषयों पर विभिन्न विशेषज्ञों और सरकारी आंकड़ों के आधार पर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आते रहे हैं।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर देश में व्यापक समर्थन का माहौल बन रहा है और बड़ी संख्या में लोग इसे समान अधिकारों तथा राष्ट्रीय एकता से जोड़कर देख रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकारें संवैधानिक प्रक्रिया के तहत इस विषय पर आगे बढ़ेंगी।
उल्लेखनीय है कि समान नागरिक संहिता देश की राजनीति और कानून व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। इसके समर्थक इसे समानता और एकरूपता की दिशा में कदम मानते हैं, जबकि कुछ सामाजिक और राजनीतिक संगठन इसके विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा और परामर्श की आवश्यकता बताते हैं। ऐसे में UCC को लेकर देशभर में बहस और संवाद का दौर जारी है।
फिलहाल मध्यप्रदेश में गठित समिति की गतिविधियों और केंद्र सरकार की आगामी रणनीति पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि आने वाले समय में यह विषय राष्ट्रीय राजनीति और नीति निर्धारण का महत्वपूर्ण मुद्दा बना रह सकता है।
