राजधानी भोपाल के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित गोदरमऊ इलाके में संचालित एक अवैध फैक्ट्री पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीले कफ सिरप के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। STF के डीआईजी Rahul Lodha ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि छापेमारी के दौरान करीब 1.50 करोड़ रुपये मूल्य का ONEREX कफ सिरप जब्त किया गया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा सिरप की मूल पहचान छिपाने के लिए उसके रैपर बदलकर OFF KUFF नाम का लेबल लगाया जा रहा था और फिर उसे विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जा रहा था।
STF के अनुसार आरोपी सिरप की शीशियों से बैच नंबर और एक्सपायरी डेट को खुरचकर या मिटाकर अवैध तरीके से बाजार में बेच रहे थे। कार्रवाई के दौरान करीब 50 हजार कफ सिरप की शीशियां बरामद की गईं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस सिरप का उपयोग नशे के रूप में किया जा रहा था और इसकी सप्लाई भोपाल, ग्वालियर, विदिशा तथा महाकौशल क्षेत्र सहित कई जिलों में की जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी किराए के मकान में यह अवैध गतिविधि संचालित कर रहे थे और पूरे नेटवर्क के लिए अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
इस मामले में STF ने 10 आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनमें 3 नाबालिग भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों का संबंध भोपाल, सीहोर और राजगढ़ जिलों से बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि एक आरोपी परिवहन व्यवस्था संभालता था, जबकि अकील खान नामक व्यक्ति माल की सप्लाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। आरोपियों द्वारा कम कीमत वाले उत्पाद पर नया रैपर लगाकर अधिक कीमत पर बेचने का खेल भी किया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए STF ने जांच के लिए पांच विशेष टीमें गठित की हैं। साथ ही ड्रग्स विभाग के अधिकारियों को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ONEREX सिरप बनाने वाली कंपनी से भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतनी बड़ी मात्रा में सिरप आरोपियों तक कैसे पहुंचा। इसके अलावा उन मेडिकल स्टोर संचालकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जो इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
STF का मानना है कि यह केवल अवैध लेबलिंग का मामला नहीं, बल्कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़ा एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है। जांच एजेंसियां अब सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन और पूरे वितरण तंत्र की पड़ताल कर रही हैं ताकि इस कारोबार से जुड़े सभी लोगों तक पहुंचा जा सके। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
