न्यूज़ बाय : रज़ा लाला ख़ान
लाओस गुफा रेस्क्यू ऑपरेशन यह घटना मध्य लाओस के दुर्गम और पहाड़ी इलाके में स्थित जायसोमबून (Xaisomboun) प्रांत की है। यहाँ एक परित्यक्त सोने की खदान (Abandoned Gold Mine) में स्थानीय ग्रामीण अवैध रूप से सोना निकालने और वन्यजीवों की तलाश में दाखिल हुए थे। 20 मई 2026 को ये लोग गुफा के भीतर करीब 300 मीटर (1,000 फीट) अंदर थे, तभी मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ (Flash Flood) और भूस्खलन से गुफा के मुख्य प्रवेश द्वार पर मिट्टी, रेत और पत्थर जमा हो गए, जिससे बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया। गुफा के भीतर कुल 7 ग्रामीण फंसे थे।5 लोग जिंदा मिले: करीब एक हफ्ते तक अंधेरे और बिना भोजन के रहने के बाद, बुधवार (27 मई) को अंतरराष्ट्रीय गोताखोरों की टीम ने इनमें से 5 लोगों को एक ऊंचे पत्थरीले हिस्से (Elevated Ledge) पर जिंदा ढूंढ निकाला। वहां हवा का प्रवाह ठीक होने के कारण वे जीवित बच गए। बाकी 2 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में पहली सफलता मिली जिसमें अंतरराष्ट्रीय ‘ए-टीम’ इस बेहद जटिल मिशन के लिए News 100 की रिपोर्ट के अनुसार, लाओस के अलावा थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इंडोनेशिया और फिनलैंड के विशेषज्ञ गुफा गोताखोरों (Cave Divers) को बुलाया गया है। पहला ग्रामीण बाहर आया जो शुक्रवार (29 मई) की रात बेहद संकरे और खतरनाक पानी से भरे रास्तों से होते हुए 23 वर्षीय ग्रामीण ‘मुएद’ (Mued) को सफलतापूर्वक गुफा से बाहर निकाल लिया गया है। बचाव कार्य में मुख्य चुनौतियां बेहद संकरे रास्ते गुफा के कुछ रास्ते महज 20×20 इंच जितने संकरे हैं, जहां ऑक्सीजन टैंक के साथ मुड़ना भी नामुमकिन है।खराब मौसम का डर: पानी निकालने के लिए भारी मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन दोबारा भारी बारिश होने का खतरा बना हुआ है, जिसे गोताखोरों ने “नाइटमेयर” (दुःस्वप्न) बताया है।
