न्यूज बाय : अनुराधा दुबे
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) में आयोजित बैठक के दौरान कामगारों, अतिथि शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक वर्गों से जुड़े प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। इस बैठक में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में मजदूरों, युवाओं और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। नेताओं का कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शासनकाल में कई वर्गों को रोजगार और अधिकारों को लेकर संघर्ष करना पड़ रहा है।
बैठक में विशेष रूप से Mobilizers और अतिथि शिक्षकों का मुद्दा उठाया गया। वक्ताओं ने दावा किया कि इन वर्गों को स्थायी व्यवस्था और रोजगार सुरक्षा देने के बजाय उन्हें आंदोलन और विरोध के रास्ते पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। साथ ही OBC, दलित, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अधिकारों में कटौती के आरोप भी लगाए गए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय और अवसरों की समानता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान नीतियां इन वर्गों में असंतोष बढ़ा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान सरकार की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए। आरोप लगाया गया कि गरीब दुकानदारों और आम नागरिकों पर सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाते हैं, जबकि प्रभावशाली संगठनों पर जवाबदेही समान रूप से लागू नहीं होती। नेताओं ने यह भी कहा कि विरोध करने वालों पर FIR, बुलडोजर कार्रवाई और युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने वाले फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करते हैं। हालांकि ये सभी आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
बैठक में मौजूद कामगारों और प्रतिनिधियों ने स्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और पेंशन जैसी मांगों को दोहराया। इस दौरान विधायक उदय शक्तावत का भी उल्लेख किया गया और उन्हें OBC, दलित, आदिवासी और गरीब वर्गों के हितों की आवाज उठाने वाला नेता बताया गया। नेताओं ने दावा किया कि वे इन वर्गों के मुद्दों को लगातार राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उठाते रहे हैं।
