Mamata Banerjee की पार्टी All India Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के बीच पश्चिम बंगाल में सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। राज्य में बुलडोजर कार्रवाई, हाकरों को हटाने की मुहिम और चुनाव बाद हिंसा के मुद्दे पर दोनों दल आमने-सामने आ गए हैं। TMC का आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर खासतौर पर अल्पसंख्यक समुदाय और छोटे हाकरों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। इसी विरोध में पार्टी ने 21 मई को कोलकाता, हावड़ा स्टेशन, सियालदह और बालीगंज सहित कई प्रमुख इलाकों में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। TMC नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि “रोजगार और अधिकार बचाने की लड़ाई” है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने BJP पर संविधान की मूल भावना और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गरीब हाकरों की दुकानों पर बुलडोजर चलाना अमानवीय है और यह कार्रवाई राजनीतिक मानसिकता से प्रेरित दिखाई देती है। वहीं सांसद Abhishek Banerjee ने केंद्र और जांच एजेंसियों पर निशाना साधते हुए कहा कि TMC किसी दबाव या जांच से डरने वाली नहीं है। दूसरी ओर BJP का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अवैध कब्जों तथा हिंसा के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। चुनाव बाद हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर TMC ने Calcutta High Court में याचिका दाखिल कर निष्पक्ष जांच, प्रभावित कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और राजनीतिक हिंसा पर रोक लगाने की मांग की है। इस पूरे विवाद ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को फिर गरमा दिया है, जहां आने वाले समय में सड़क से लेकर अदालत तक संघर्ष और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
