Devi Ahilya Vishwavidyalaya के आईईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में फाइनल ईयर छात्रों द्वारा देर रात किए गए हंगामे का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया है। बताया जा रहा है कि होस्टल परिसर में कुछ छात्रों ने “फेयरवेल हुड़दंग” के नाम पर जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान कॉलेज परिसर और होस्टल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, वहीं कई छात्र अर्धनग्न अवस्था में शोर-शराबा और हंगामा करते दिखाई दिए। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात शुरू हुआ यह हुड़दंग कई घंटों तक चलता रहा। छात्रों ने होस्टल के गलियारों में तेज आवाज में चिल्लाते हुए तोड़फोड़ की और कई जगह सामान फेंका गया। कुछ वीडियो में छात्र अनुशासनहीन व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि फाइनल ईयर पूरा होने और कॉलेज छोड़ने से पहले “सेलिब्रेशन” के नाम पर यह हंगामा किया गया, लेकिन मामला नियंत्रण से बाहर हो गया।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छात्रों की पहचान की जाएगी। कॉलेज प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि संस्थान की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अनुशासन भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जुर्माना, निलंबन या अन्य अनुशासनात्मक कदम भी शामिल हो सकते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में “फेयरवेल कल्चर” और अनुशासन को लेकर बहस छेड़ दी है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि उत्सव और विदाई के नाम पर इस तरह की गतिविधियां किस हद तक स्वीकार्य हैं। वहीं छात्रों का एक वर्ग इसे “मस्ती” बता रहा है, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और अशोभनीय व्यवहार को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है।
