न्यूज़ बाय : रज़ा लाला ख़ान
इज़रायल रक्षा बल (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर ने चेतावनी दी है कि लगातार युद्ध के भारी दबाव और सैनिकों की गंभीर कमी के कारण इज़रायली सेना अंदरूनी तौर पर ढहने (बिखरने) के कगार पर पहुँच सकती है। सुरक्षा कैबिनेट और संसदीय समितियों के सामने उन्होंने सेना की मौजदा स्थिति को लेकर 10 रेड फ्लैग’ (खतरे के संकेत)जारी किए हैं।
सेना बिखरने की मुख्य वजहें :
सैनिकों की भारी कमी के चलते गाजा, लेबनान (हिजबुल्लाह) और ईरान जैसे कई मोर्चों पर एक साथ तीन साल से चल रहे लंबे युद्ध के कारण सेना में वर्तमान में करीब 15,000 से 20,000 सैनिकों की भारी कमी हो गई है।
थकी हुई रिज़र्व फोर्स इज़रायल की रिज़र्व फोर्स को लगातार बार-बार युद्ध के मोर्चे पर बुलाया जा रहा है। अत्यधिक शारीरिक और मानसिक थकान के कारण यह पूरा रिज़र्व सिस्टम कभी भी काम करना बंद कर सकता है।
कानूनी व राजनीतिक गतिरोध के चलते अगस्त 2024 से अनिवार्य सैन्य सेवा की अवधि को 36 महीने से घटाकर 30 महीने कर दिया गया था। जनवरी 2027 में इस नियम के तहत भर्ती सैनिक सेवामुक्त हो जाएंगे, जिससे संकट और गहराएगा। इसके अलावा, अति-रूढ़िवादी (Ultra-Orthodox) यहूदियों को सेना में अनिवार्य भर्ती से छूट देने के मुद्दे पर इज़रायली सरकार गिरने की कगार पर है।
क्या हैं सेना प्रमुख के सुझाव?
कड़े कानून लागू करना:सैन्य प्रमुख ने तुरंत नया भर्ती कानून (Conscription Law), रिज़र्व ड्यूटी कानून और अनिवार्य सेवा को दोबारा बढ़ाने वाले कानून पास करने की मांग की है।
आपातकालीन भर्ती मोर्चों पर सामान्य स्थिति बहाल रखने और सेना की युद्ध क्षमता को बचाए रखने के लिए तुरंत कम से कम 12,000 लड़ाकू सैनिकों की सीधी भर्ती आवश्यक बताई गई है।
यदि सरकार द्वारा इन कानूनी और सैन्य बदलावों को जल्द से जल्द मंजूरी नहीं दी गई, तो इज़रायली सेना के लिए भविष्य में अपने सामान्य सुरक्षा मिशनों को संभालना भी नामुमकिन हो जाएगा।
