कुलगाम में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर कार्डियक इमरजेंसी का शिकार हुए व्यक्ति को CRPF 90 बटालियन के जवानों ने गोल्डन आवर में CPR और इमरजेंसी दवा देकर बचाया, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटना बताती है कि हार्ट अटैक में पहले कुछ मिनट सबसे अहम होते हैं और मौके पर मौजूद लोगों की CPR ट्रेनिंग कैसे जान बचा सकती है। मुरादाबाद और ग्वालियर में भी पुलिसकर्मियों व पेट्रोल पंप स्टाफ ने इसी तरह CPR से ड्राइवरों की जान बचाई थी। CRPF-पुलिस को दी जा रही CPR ट्रेनिंग के ऐसे मामले साबित करते हैं कि बेसिक लाइफ सपोर्ट स्किल आम लोगों तक पहुंचने से सड़क पर होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
न्यूज़ बाय : Sabiha khan
