Gwalior में चर्चित लॉ छात्रा के कथित अपहरण मामले में अब बड़ा खुलासा सामने आया है। जिस घटना को पहले दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज किडनैपिंग बताया जा रहा था, वह शुरुआती जांच में एक सुनियोजित ड्रामा और पारिवारिक विवाद से जुड़ा मामला निकलता दिखाई दे रहा है। पुलिस जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी है।
बताया जा रहा है कि छात्रा के परिजनों ने कुछ युवकों पर जबरन कार में बैठाकर अपहरण करने का आरोप लगाया था। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया। वीडियो में युवती को सड़क पर खींचते हुए कार में बैठाने जैसे दृश्य दिखाई देने से मामला और गंभीर माना गया। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर कई टीमें गठित की थीं।
लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कहानी बदलती नजर आई। सूत्रों के अनुसार, छात्रा का एक युवक से प्रेम संबंध था और परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। पुलिस को ऐसे इनपुट मिले हैं कि कथित अपहरण की पूरी घटना पहले से तय स्क्रिप्ट के तहत अंजाम दी गई थी। जिस कार का उपयोग कथित किडनैपिंग में हुआ, उसे Jalaun से बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने मामले को फर्जी अपहरण और सुनियोजित नाटक के एंगल से जांचना शुरू कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो, कॉल डिटेल, लोकेशन और संबंधित लोगों के बयान की बारीकी से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में कई बयान विरोधाभासी पाए गए हैं। यह भी सामने आया है कि युवती अपनी मर्जी से युवक के संपर्क में थी। हालांकि पुलिस अभी आधिकारिक रूप से पूरे मामले का खुलासा करने से बच रही है और जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत बयान देने की बात कह रही है।
इस घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अधूरी जानकारी और अफवाहों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मामले को पहले कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती बताया जा रहा था, अब वही मामला निजी रिश्तों, पारिवारिक तनाव और सोशल मीडिया पर बनाई गई सनसनी का उदाहरण बनता दिखाई दे रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या सहानुभूति या दबाव बनाने के लिए पूरे घटनाक्रम को अपहरण का रूप दिया गया था।
