भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से पटना के कारगिल चौक और गांधी मैदान में आज (सोमवार) ‘जन आक्रोश महिला मार्च’ और ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ का आयोजन किया गया. इसको लेकर आरजेडी ने सवाल खड़े किए हैं. पार्टी कार्यालय में मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
शक्ति यादव ने कहा कि नारी वंदन के नाम पर बीजेपी और एनडीए ने ‘हेडलाइन मैनेजमेंट’ के लिए जो आक्रोश मार्च निकाला था, उससे पोल खुल गई. एनडीए के अंदर एकता भी नहीं दिखी. जीविका दीदी को झूठ बोलकर बुलाया गया और भीड़ जुटाने के लिए इनका इस्तेमाल किया गया, जो कहीं से भी उचित नहीं है.
उन्होंने कहा कि महिला आक्रोश के नाम पर प्रतिबंधित क्षेत्र कारगिल चौक की सड़क को घेरकर, बीच सड़क पर मंच लगाकर बीजेपी ने न सिर्फ सत्ता का दुरुपयोग किया, बल्कि कानून का भी उल्लंघन किया. यह दिखा दिया कि सत्ता के रौब में उनके द्वारा कुछ भी किया जा सकता है. शक्ति सिंह यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल ने 29 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया, वहीं विधानसभा चुनाव में 17 प्रतिशत और विधान परिषद में 21.4 प्रतिशत प्रतिनिधित्व है.
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टिकट देने को लेकर उठाया सवाल
भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देते हुए कहा कि वे सार्वजनिक करें कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कितनी महिलाओं को टिकट दिया गया. विधान परिषद में कितनी प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया गया. महिला के सम्मान के नाम पर बीजेपी सिर्फ राजनीति करती है, यह बात पहले से ही स्पष्ट हो गई.
‘कोटा के अंदर कोटा देने से…’
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आक्रोश मार्च में जनता दल (यू) की विधायक और पूर्व मंत्री लेशी सिंह रुठ कर चली गईं, क्योंकि बीजेपी ने उन्हें सम्मान नहीं दिया. बीजेपी इस बात का भी जवाब नहीं दे रही है कि महिला आरक्षण के नाम पर कोटा के अंदर कोटा देने से डर क्यों रही है. महिलाओं के आरक्षण में आरक्षण की व्यवस्था क्यों नहीं देना चाहती है, बीजेपी को बताना चाहिए.
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