उत्तर प्रदेश स्थित सिराथू से समाजवादी पार्टी की विधायक और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने केंद्र सरकार पर बड़ा जुबानी हमला बोला है. लोकसभा के विशेष सत्र के दौरान तीन विधेयकों के पारित न होने के बाद उन्होंने कहा कि OBC SC ST महिलाओं की हकमारी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
समाजवादी पार्टी समेत समूच विपक्ष को बधाई देते हुए पल्लवी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार वंचित समुदाय की महिलाओं की विरोधी है. हालांकि अपने बयान के दौरान पल्लवी पटेल ने किसी सियासी दल या नेता का नाम नहीं लिया.
पत्रकारों से बात करते हुए पल्लवी ने कहा कि मुझे लगता है कि केंद्र सरकार और बीजेपी को भूलने की बीमारी हो गई है. इनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं लगती, क्योंकि 2024 में ये 400 पार का दावा कर रहे थे और अब सीमित हो गए हैं. इसके बाद से ये सदमे में हैं और इन्हें जैसे सब भूल गया है.
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उन्होंने कहा कि ये कैसे भूल सकते हैं कि 2023 में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल खुद इन्होंने ही पेश किया था. और पूरे विपक्ष ने सर्वसम्मति से उसे मजबूती से पास कराया था. ये उनकी ही दस्तावेज़ों में दर्ज है, मैं कोई नई बात नहीं कह रही हूँ. उस समय यह बड़ी हेडलाइन बनी थी कि देश में महिला आरक्षण बिल पास हो गया. तो अब यह कैसे गिर गया? जब एक बार पास हो गया था, तो उसे लागू करने का समय था.
‘महिला आरक्षण कैसे गिर गया?’
सिराथू विधायक ने कहा कि जब 16, 17 और 18 अप्रैल का विशेष सत्र बुलाया गया, पहले दिन संविधान संशोधन और परिसीमन पर चर्चा चल रही थी. उसी दौरान केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल की रात में चुपचाप महिला आरक्षण को लागू कर दिया, जिसकी नोटिफिकेशन सबने देखी होगी.
उन्होंने कहा कि यह भी अखबारों में बड़ी खबर बनी थी. तो फिर लागू होने के बाद महिला आरक्षण कैसे गिर गया? असल में जो गिरा है, वह परिसीमन है.
पल्लवी ने कहा कि मैं पूरे विपक्ष को बार-बार सलाम करती हूँ कि उन्होंने महिला-पुरुष की राजनीति से ऊपर उठकर लोकतंत्र को बचाने का काम किया. संविधान को सामने रखकर और उसके नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने परिसीमन और संविधान संशोधन विधेयक को गिराने का काम किया.
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बीजेपी सीधी बात नहीं करती- पल्लवी पटेल
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सीधी बात नहीं करती, वह घुमा-फिराकर काम करती है. वह अपनी हार स्वीकार नहीं करना चाहती. इसलिए वह देश की आधी आबादी को विपक्ष के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रही है. जनता बहुत समझदार है. वह जानती है कि बिल पहले ही पास हो चुका है और लागू भी हो चुका है. अब सवाल सिर्फ इतना है कि आरक्षण कब लागू किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि हम विपक्ष में हैं और कह रहे हैं कि केंद्र सरकार फिर से सत्र बुलाए और वोटिंग कराए. 543 सीटों में 33% नहीं, 50% आरक्षण महिलाओं को दिया जाए, विपक्ष इसका समर्थन करेगा. वे कह रहे हैं कि विपक्ष इसका विरोध करेगा, लेकिन समय बताएगा कि कौन विरोध करता है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विपक्ष एकजुट हुआ और उसने देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने का काम किया. यह बहुत महत्वपूर्ण है.