राजस्थान शिक्षा विभाग की ओर से पिछले दिनों अर्थहीन और अटपटे नामों को बदलने के लिए ‘सार्थक नाम अभियान’ की शुरुआत की थी, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से जारी नामों को लेकर विवाद छिड़ गया. विवाद बढ़ने के बाद अब शिक्षा विभाग ने इस अभियान को फिलहाल स्थगित कर दिया है.
आपको बता दें कि स्कूलों में बच्चों के अजीबोगरीब और अर्थहीन नामों को बदलने के लिए विभाग ने यह अभियान शुरू किया था और इसके माध्यम से करीब 3 हजार नामों की सूची भी विभाग की ओर से जारी की गई है. यह सूची ही विवाद का कारण बन गई और अभियान स्थगित कर दिया गया है.
शिक्षा विभाग ने जारी की नामों की सूची
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग की ओर से जारी नामों की सूची में कई नाम अजीबो गरीब थे. इसमें भयंकर, भिक्षा, मक्खी दहीभाई, अंधकार, बेचारादास जैसे नामों को लेकर अभिभावक संघ की ओर से भी आपत्ति जतायी गई थीं. जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी इन नामों को लेकर विवाद सामने आया सार्थक नाम अभियान के माध्यम से बच्चों के अजीब नाम बदले जाने थे, लेकिन विभाग ने जो सूची जारी की उस सूची में ही कई अजीबोगरीब नाम सामने आए ऐसे में यह सूची ही विवादों का कारण बन गई.
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इस अभियान को शिक्षा विभाग ने किया स्थगित
अभिभावकों का कहना था कि बच्चों के नाम बदलने जैसा संवेदनशील विषय बिना पर्याप्त मानवीय जांच और सामाजिक समझ के केवल AI के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है. इससे बच्चों और परिवारों की भावनाएं आहत हो सकती हैं. बढ़ते विरोध और आलोचना के बाद शिक्षा विभाग ने बैकफुट पर आते हुए इस अभियान को फिलहाल स्थगित कर दिया है.
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अभियान की शुरुआत करते हुए कहा था कि कई बच्चों के नाम ऐसे होते हैं, जिनसे उनमें हीन भावना उत्पन्न हो सकती है. लेकिन अब शिक्षा मंत्री के कार्यालय ने बताया कि सार्थक नाम अभियान फिलहाल रोक दिया गया है, आगे इस पर पुनर्विचार किया जाएगा.
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