
सरकार से बातचीत फेल; हजारों शिक्षक ‘मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा’ में शामिल होकर सेवा गणना और TET आदेश वापस लेने की मांग करेंगे |
मध्य प्रदेश में शिक्षकों का गुस्सा अब सड़कों पर उतरने जा रहा है। TET अनिवार्यता और सेवा अवधि की गणना को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। सरकार के साथ दो दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद, 18 अप्रैल को Bhopal में हजारों शिक्षक ‘मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा’ और धरना प्रदर्शन करेंगे।
विवाद की जड़ 2 मार्च 2026 के DPI आदेश और 26 मार्च 2026 के जनजातीय कार्य विभाग के आदेश में है, जिसमें पुराने शिक्षकों के लिए भी TET परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया। शिक्षक संगठनों का कहना है कि 25–30 साल से सेवा दे रहे शिक्षकों पर यह नियम थोपना अन्यायपूर्ण है, जबकि National Council for Teacher Education की 2010 की अधिसूचना के अनुसार कई शिक्षकों को TET से छूट मिलनी चाहिए।
शिक्षकों की दो मुख्य मांगें हैं—पहली, TET अनिवार्यता का आदेश तुरंत वापस लिया जाए; और दूसरी, उनकी सेवा अवधि की गणना पहली नियुक्ति तिथि से की जाए, ताकि पेंशन, प्रमोशन और वरिष्ठता में न्याय मिल सके।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने स्कूल शिक्षा मंत्री Uday Pratap Singh के साथ बातचीत की, लेकिन केवल “विचाराधीन” का आश्वासन मिला, कोई ठोस समयसीमा नहीं दी गई। इसके बाद मोर्चा ने साफ कर दिया कि अब आंदोलन टलने वाला नहीं है।
18 अप्रैल को सुबह 11 बजे से BHEL Dussehra Maidan में होने वाले इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से शिक्षक, कर्मचारी और पेंशनर्स शामिल होंगे। उनका कहना है कि यह सिर्फ मांगों का नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकार की लड़ाई बन चुका है।
इससे पहले भी 29 मार्च को भोपाल में प्रदर्शन, 8 अप्रैल को जिला स्तर पर रैली और रतलाम, शिवपुरी, जबलपुर जैसे शहरों में ज्ञापन दिए जा चुके हैं। शिक्षकों ने Mohan Yadav को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि 2 लाख से ज्यादा शिक्षकों की आजीविका संकट में है और 40–50 साल की उम्र में परीक्षा देना उचित नहीं।
सरकार का कहना है कि Supreme Court of India के निर्देशों के कारण TET लागू करना जरूरी है, जबकि शिक्षक संगठनों का दावा है कि कोर्ट ने कुछ श्रेणियों को छूट भी दी है।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि अगर 18 अप्रैल के बाद भी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन दिल्ली तक ले जाया जाएगा। यह मामला अब प्रदेश के करीब 5 लाख शिक्षक परिवारों के भविष्य से जुड़ गया है।