एमपी बोर्ड ने आज 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम के नतीजे जारी किए. इस एग्जाम में सीहोर के श्लोक प्रजापति ने 12वीं विज्ञान में 98.6 प्रतिशत अंक पाकर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है. उन्होंने 500 में से 493 अंक प्राप्त किए. छात्र नतीजे एमपी बोर्ड की आधिकारिक साइट mpresults.nic.in पर देख सकते हैं.
सीहोर के नूतन स्कूल के छात्र श्लोक प्रजापति ने 12वीं साइंस संकाय में 98.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. उन्होंने 500 में से कुल 493 अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया. श्लोक की इस सफलता की खबर लगते ही उनके घर और स्कूल में जश्न का माहौल है. बता दे कि उनके पिता एक मजदूर है जिन्होंने आर्थिक तंगी से जूझते हुए बच्चे को पढ़ाया है. श्लोक ने बताया कि वह आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहते हैं.
भोपाल में 15 अप्रैल को 10वीं और 12वीं का परिणाम जारी हुआ. इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे. उनके साथ स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शिक्षा में ऐसा रास्ता बनाया गया है कि बच्चे असफल होने पर भी साल न खोएं. नई शिक्षा नीति के कारण छात्रों को दोबारा मौका मिलता है. यह बदलाव बच्चों के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है.
बेटियों की चमक
10वीं में पन्ना जिले के गुनौर की छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक लाकर सबको चौंका दिया. 12वीं वाणिज्य में खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने 494 अंक पाकर मेरिट में जगह बनाई. इस बार जनजातीय जिलों का प्रदर्शन भी शानदार रहा, जिसने यह साबित किया कि मेहनत के आगे अभाव भी छोटा पड़ जाता है.
हाईस्कूल का हाल
10वीं की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च तक चली. करीब 8.97 लाख छात्र शामिल हुए. नियमित छात्रों का पास प्रतिशत 69.31 रहा, जबकि छात्राओं का 77.52. सरकारी स्कूलों का परिणाम 76.80% रहा, जो निजी स्कूलों से बेहतर है. मेरिट सूची में 378 छात्रों ने जगह बनाई, जिनमें 235 छात्राएं थीं.
हायर सेकंडरी का हाल
12वीं की परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च तक हुई. लगभग 6.89 लाख छात्र शामिल हुए. नियमित छात्राओं का पास प्रतिशत 79.41 और छात्रों का 72.39 रहा. सरकारी स्कूलों का परिणाम 80.43% रहा. यह परिणाम पिछले 16 साल में सबसे अच्छा माना जा रहा है. मेरिट सूची में 221 छात्रों ने स्थान पाया, जिनमें 158 छात्राएं हैं.
दूसरा मौका भी मिलेगा
नई व्यवस्था के तहत जो छात्र असफल हुए हैं, या अपने अंक सुधारना चाहते हैं, वे 7 मई 2026 से होने वाली “द्वितीय अवसर परीक्षा” में बैठ सकते हैं. इससे बच्चों का साल खराब नहीं होगा.