Skip to content

यूपी में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट ने चौंकाया, महिलाएं बनेंगी विधानसभा चुनाव में गेम चेंजर!

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, एसआईआर के बाद नौ लाख वोटर मतदाता सूची से कम हो गए हैं. हालांकि, खास बात यह भी है कि महिला मतदाताओं का अनुपात पुरुषों के मुकाबले बढ़ा है. एसआईआर के पहले जिले की नौ विधानसभाओं में जेंडर रेशियो 883 था, जो अब बढ़कर 910 पहुंच गया है. यानी साफ है कि प्रति एक हजार पुरुष वोटरों के सामने 910 महिला मतदाता हैं.

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार 10 अप्रैल को निर्वाचन आयोग की ओर से फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई.  इसमें लखनऊ में कुल मतदाताओं की संख्या 30,80,350 रह गई, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 14,67,194 है. लखनऊ में 16,13,094 पुरुष और थर्ड जेंडर की संख्या 107 है.

सरकार ने महिला अधिकारों पर दिखाई गंभीरता

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है. विभिन्न अधिकारों और – सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कारण महिलाएं अब राजनीति में सक्रियता से भाग ले रही हैं. 

अपने अधिकारों के प्रति महिलाएं हुईं जागरूक

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तीन तलाक कानून और विधानसभा और लोकसभा में महिला आरक्षण ने महिलाओं के राजनीतिक रुझान को बढ़ावा दिया है. यही वजह है कि महिलाएं अपने अधिकार के प्रति जागरूक हो रही है. सबसे अधिक महिला अनुपात पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में है. यहां यह अनुपात 975 तक पहुंच गया है. 

इसी प्रकार, पुराने शहर के पश्चिम विधानसभा में, जहां मिश्रित आबादी है, यह अनुपात 880 से बढ़कर 923 हो गया है. लखनऊ मध्य में भी, जहां मिश्रित आबादी है, जेंडर रेशियो 921 से बढ़कर 950 पहुंच गया है.

महिलाएं बनेंगी गेम चेंजर

हालांकि, राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं के अधिकारों और उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए जो योजनाएं लागू की गई हैं, उनसे महत्वपूर्ण बदलाव आया है. महिलाएं अब अपनी पसंद से वोट कर रही हैं. राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि महिलाएं आगामी चुनावों में गेम चेंजर का रोल अदा कर सकती है. उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में असर दिखेगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *